बिहारी जी बुला रहे हैं

वृन्दावन की ओर जब थकान इतनी गहरी हो जाए कि रास्ता दिखना बंद हो वृन्दावन में एक पुरानी धर्मशाला थी — यमुना किनारे, जहाँ शहर की आवाज़ें आते-आते थक जाती थीं। वहाँ के बुज़ुर्ग सेवादार बाबा मनोहर दास कहते थे — “जो बहुत दूर से आते हैं, वे यहाँ किसी काम से नहीं आते। वे … Continue reading बिहारी जी बुला रहे हैं